एमबीबीएस-बीडीएस मेडिकल काउंसलिंग के सफल विद्यार्थी अब 8 जुलाई तक कर सकेंगे रिपोर्टिंग

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी, नई दिल्ली

ऑल इंडिया 15% कोटा एमबीबीएस-बीडीएस मेडिकल काउंसलिंग

…8 जुलाई सायं 5:00 बजे तक की जा सकती है रिपोर्टिंग

मूल दस्तावेजों के अभाव में रिपोर्टिंग संभव नहीं । मूल दस्तावेजों के किसी संस्थान में डिपॉजिट होने का सर्टिफिकेट भी अमान्य।

कोटा। ऑल इंडिया 15% एमबीबीएस-बीडीएस मेडिकल काउंसलिंग के प्रथम राउंड में सफल विद्यार्थियों को आवंटित मेडिकल संस्थान में 8 जुलाई शाम 5:00 बजे तक रिपोर्ट करने का समय दिया गया है।
कैरियर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि पूर्व जारी किए गए काउंसलिंग शेड्यूल के अनुसार सफल विद्यार्थियों को 6 जुलाई तक आवंटित मेडिकल संस्थान में रिपोर्ट करना था किंतु काउंसलिंग कमेटी के नए आदेश अनुसार अब विद्यार्थी 8 जुलाई 5 बजे तक रिपोर्ट कर सकते हैं।

… सीट एलॉटमेंट लेटर जारी ।। विद्यार्थियों को मय मूल दस्तावेजों के रिपोर्ट करना अनिवार्य ।।

देव शर्मा ने बताया कि सफल विद्यार्थी सर्वप्रथम मेडिकल काउंसलिंग कमिटी की ऑफिशियल वेबसाइट से सीट एलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर उसका प्रिंट ले। तत्पश्चात आवश्यक मूल दस्तावेज तैयार करें।
मूल दस्तावेजों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जारी किया गया नीट- 2019 का एडमिट कार्ड, रैंक लेटर, 10वीं एवं 12वीं कक्षा के सर्टिफिकेट, 12वीं कक्षा की मार्कशीट, 8 पासपोर्ट साइज के फोटोग्राफ, प्रोविजनल सीट एलॉटमेंट लेटर, फोटो पहचान पत्र आवश्यक है। एससी, एसटी एवं ओबीसी- एनसीएल केटेगरी के छात्र अपना केटेगरी सर्टिफिकेट भी लें।
देव शर्मा ने बताया कि यदि विद्यार्थी के पास मूल दस्तावेज नहीं है तो रिपोर्टिंग कदापि संभव नहीं होगी। मूल दस्तावेज अन्यत्र किसी संस्थान में डिपॉजिट होने का सर्टिफिकेट भी मान्य नहीं है।

… क्या विकल्प है यदि विद्यार्थी आवंटित मेडिकल संस्थान से संतुष्ट नहीं ?

… ध्यानपूर्वक समझे फ्री एग्जिट को

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा प्रथम राउंड के सीट आवंटन के परिणाम जारी होने के साथ ही कई विद्यार्थी इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए उत्सुक है कि यदि विद्यार्थी आवंटित मेडिकल संस्थान से संतुष्ट नहीं है तो क्या किया जाए।
देव शर्मा ने बताया कि इस स्थिति में विद्यार्थी के पास दो विकल्प है।
1. विद्यार्थी आवंटित मेडिकल संस्थान को रिपोर्ट ना करें।
2. विद्यार्थी आवंटित मेडिकल संस्थान को रिपोर्ट कर अपग्रेडेशन के लिए आवेदन करें।
यदि विद्यार्थी प्रथम विकल्प का चयन करते हुए आवंटित संस्थान को रिपोर्ट नहीं करता है यह स्थिति फ्री एग्जिट कहलाती है।
इस स्थिति में विद्यार्थी ऑल इंडिया 15% कोटा के द्वितीय राउंड के लिए भी तथा स्टेट काउंसलिंग के सभी राउंड में भाग के लिए पात्र होता है। इस स्थिति में विद्यार्थी की फीस भी जप्त नहीं की जाती है।
देव शर्मा ने बताया कि यदि विद्यार्थी दूसरे विकल्प चुनते हुए मेडिकल संस्थान को रिपोर्ट करता है। तो निश्चित तौर पर आवंटित सीट पर तो उसे एडमिशन मिलता ही है, किंतु वह अपग्रेडेशन का विकल्प चुनते हुए दूसरे राउंड में प्रवेश कर सकता है। यदि इस स्थिति में विद्यार्थी को स्टेट काउंसलिंग के प्रथम राउंड से कोई सीट आवंटित हो जाती है तो विद्यार्थी इस सीट को सरेंडर कर अपने सभी मूल दस्तावेजों के साथ स्टेट काउंसलिंग द्वारा आवंटित किए गए संस्थान को रिपोर्ट कर सकता है।

… प्रथम राउंड में रिपोर्ट नहीं किया तो सभी प्रकार की काउंसलिंग से बाहर यह तथ्य सौ फ़ीसदी गलत

देव शर्मा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के अभिभावकों को यह डर है कि यदि ऑल इंडिया कोटा के प्रथम राउंड से आवंटित मेडिकल संस्थान को रिपोर्ट नहीं किया गया तो विद्यार्थी ऑल इंडिया कोटा के द्वितीय राउंड तथा स्टेट काउंसलिंग के अन्य राउंड में भाग लेने हेतु अपात्र घोषित कर दिया जाएगा। किंतु यह कथन सौ फ़ीसदी गलत है।
देव शर्मा ने बताया कि ऑल इंडिया कोटा के द्वितीय राउंड से आवंटित मेडिकल संस्थान को जॉइन करने के पश्चात विद्यार्थी अन्य सभी प्रकार की काउंसलिंग के लिए अपात्र घोषित किया जाता है।

… आवंटित संस्थान पर ही किया जाएगा मेडिकल टेस्ट ।। स्वयं वहन करना होगा मेडिकल टेस्ट का खर्च ।।

देव शर्मा ने बताया कि दिव्यांग विद्यार्थियों के अतिरिक्त अन्य सभी विद्यार्थियों को मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की आवश्यकता नहीं है।
आवंटित मेडिकल संस्थान पर ही विद्यार्थी के विभिन्न मेडिकल टेस्ट किए जाएंगे। तथा उपरोक्त मेडिकल टेस्ट के लिए खर्च भी विद्यार्थी को स्वयं वहन करना होगा।

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