बिना दवा खाए या चीरा लगवाए एक असरदार उपचार है फिजियोथेरेपी

– सीपीयू के स्कूल ऑफ फिजियोथैरेपी का प्रथम फिजियो कॉनक्लेव संपन्न

कोटा, 2 जून। कॅरिअर पॉइंट यूनिविर्सटी के स्कूल ऑफ फिजियोथैरेपी की ओर से रविवार को सीपी टॉवर के सभागार में एक दिवसीय प्रथम फिजियो कॉनक्लेव संपन्न हुआ। हाड़ोती संभाग से आए फिजियोथैरेपिस्ट डॉक्टरों ने फिजियोथैरेपी में हो रहे कई नए बदलाव साझा किए। सीपीयू के चांसलर प्रमोद माहेश्वरी, सीपीयू के अकादमिक निदेशक डॉ. गुरुदत्त कक्कड़, वरिष्ठ फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. रितु राजदीप ने विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. रितु राजदीप ने कहा कि मानसिक तनाव, घुटनों, पीठ या कमर में दर्द जैसे कई रोगों से बचने या निपटने के लिए बिना दवा खाए या चीरा लगवाए फिजियोथेरेपी एक असरदार तरीका है। मौजूदा समय में अधिकांश लोग दवाइयों के झंझट से बचने के लिए फिजियोथेरेपी की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि यह न केवल कम खर्चीला होता है, बल्कि इसके दुष्प्रभाव की आशंका न के बराबर होती है।

डॉ. क्षितिज सोनी ने कहा कि प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा व्यायाम के जरिए शरीर की मांसपेशियों को सही अनुपात में सक्रिय करने की विधा ही फिजियोथेरेपी है। घंटों लगातार कुर्सी पर वक्त बिताने, गलत मुद्रा में बैठने और व्यायाम या खेल के दौरान अंदरूनी खिंचाव या जख्मों की हीलिंग के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की सेवा लेने की सलाह खुद चिकित्सक भी देते हैं। उन्होंने कहा कि केवल रोगी ही नहीं, बल्कि स्वस्थ्य लोग भी चुस्त-दुरुस्त रहने के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह ले सकते हैं।  डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि मौजूदा समय में स्मार्ट और सिंपल हेल्थ सॉल्यूशन के लिए फिजियोथेरेपी काफी लोकप्रिय हुई है। अस्थमा और फ्रैक्चर पीड़ितों के अतिरिक्त गर्भवतियों को भी फिजियोथेरेपी की सलाह दी जाती है। लगभग देश के हर बड़े अस्पताल में फिजियोथेरेपी की जाती है। कॉर्डियो सर्जन डॉ. प्रमोद नागर ने कहा कि बुजुर्गों, मरीजों और कामकाजी लोगों के लिए अब घर तक फिजियोथैरेपी की सेवा पहुंचाने का भी चलन बढ़ा है। इसकी खास बात है कि फिजियोथेरेपिस्ट मरीज पर व्यक्तिगत तौर पर ध्यान देता है। डॉ. पुष्पेंद्र यदुवंशी ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज कोटा के सहायक प्रोफेसर पैथोलॉजिस्ट डॉ. लक्ष्मी अग्रवाल, डॉ. दिनेश शर्मा, डॉ. मनमोहन अग्रवाल, डॉ. हर्ष एम राजदीप, डॉ. विनय गुलाटी आदि ने विचार व्यक्त किए। कोटा संभाग से बड़ी संख्या में फियोजियोथैरेपिस्ट मौजूद रहेंगे।

हेल्थ साइंस को बढ़ावा देना भी सीपीयू की प्राथमिकताः चांसलर

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीपीयू के चांसलर प्रमोद माहेश्वरी ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में युवाओं के लिए भविष्य की अपार संभावना है। कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी द्वारा हेल्थ साइंस से संबंधित कई कोर्सेज करवाए जा रहे है। हेल्थ साइंस में एमबीए जैसे कोर्सेज के लिए अब सीपीयू कोटा में ही मौका मिलने लगा है, जो हाड़ोती के युवाओं के लिए अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि डॉक्टर्स को अब प्रबंधन के क्षेत्र में भी आगे आने की जरूरत है। कार्यक्रम को सीपीयू के अकादमिक निदेशक डॉ. गुरूदत्त कक्कड़ ने भी संबोधित किया। डॉ. हिमांशु शर्मा ने आभार जताया।

 

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