फिजियोथैरेपी कोर्स के बाद सरकारी व निजी क्षेत्र में है जॉब की अपार संभावना

कोटा में कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी दे रही है स्टूडेंट को बेहतर भविष्य का प्लेटफॉर्म। फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायो से कक्षा 12 वीं 55 प्रतिशत अंकों से पास स्टूडेंट ले सकते है फिजियोथैरेपी कोर्स में एडमिशन

कोटा। आईईटीयन, इंजीनियर, डॉक्टर के अलावा भी कॅरिअर के कई बेहतर विकल्प स्टूडेंट्स के पास उपलब्ध होते है, लेकिन जानकारी के अभाव के चलते वो सही समय पर सही निर्णय नहीं ले पाते। जरूरत इस बात की है कि सही समय पर सही निर्णय लेकर सही दिशा में कदम बढ़ाया जाए। एजुकेशन हब कोटा में झालावाड़ रोड पर आलनियां स्थित कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी (सीपीयू) में कई ऐसे प्रोफेसनल कोर्स पढ़ाएं जा रहे है जो स्टूडेंट को बेहतर भविष्य की राह प्रदान करते है। इनमें से एक है फिजियोथैरेपी कोर्स। स्वास्थ्य से जुड़े इस कोर्स को करने के बाद स्टूडेंट बेहतर भविष्य बना सकते हैं। फिजियोथैरेपी कोर्स करने के बाद सरकारी व निजी क्षेत्र में जॉब की अपार संभावनाएं हैं।

विदेशों में भी काफी है फिजियोथैरेपिस्ट की डिमांड

कॅरिअर पॉइंट यूनिवर्सिटी के अकादमिक निदेशक डॉ. गुरुदत्त कक्कड़ बताते है कि एक फिजियोथैरेपिस्ट की हॉस्पिटल के अंदर ऑर्थोपेडिक डिपार्टमेंट, मानसिक तथा शारीरिक रूप अस्वस्थ बच्चों के स्कूल तथा हेल्थ इंस्टीट्यूट में हमेशा मांग बनी रहती है। इसके अलावा फिजियोथैरेपिस्ट अपना निजी क्लिनिक भी खोल सकते हैं। फिजियोथैरेपिस्ट की डिमांड सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि यूएसए, कनाडा तथा ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में भी बड़े पैमाने पर है। यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ लेबर की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी क्षेत्रों में नौकरी की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं तथा आने वाले समय में इस क्षेत्र में 2.1 मीलियन नई जॉब की संभावनाएं हैं।

फिजियोथैरेपी कोर्स के लिए यह है पात्रता

कॅरिअर पॉंइंट यूनिवर्सिटी के फिजियोथैरेपी डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. पुष्पेंद्र यदुवंशी ने बताया कि बेचलर ऑफ फिजियोथैरेपी (बीपीटी) कोर्स साढ़े चार साल का होता है। फिजिक्स, कैमेस्ट्री व बायो से कक्षा 12 वीं 55 प्रतिशत अंकों से पास करने के बाद प्रवेश ले सकते हैं। इसी तरह मास्टर ऑफ फिजियोथैरेपी (एमपीटी) के कार्स की अवधि दो साल है। एमपीटी में प्रवेश के लिए बीपीटी में 55 प्रतिशत उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। एमपीटी में ऑर्थोपेडिक, न्यूरोलॉजी, कॉर्डियोंपलमोनरी एवं स्पोर्टर्स मेडिसन में स्पेशलाइजेशन किया जा सकता है। डॉ. घोष बताते है कि यूनिवर्सिटी में एक्सर्ट फैकल्टी टीम द्वारा फिजियोथैरेपी कोर्स करवाया जा रहा है। आधुनिक लैब की सुविधा भी स्टूडेंट को उपलब्ध हैं।

40 हजार प्रतिमाह तक आसानी से कमा सकते है फिजियोथैरेपिस्ट

शुरुआती दौर में एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे छात्रों की कमाई 20,000 से 40,000 हजार रुपए प्रतिमाह होती है। कुछ अस्पतालों में फिजियोथैरेपिस्ट को पैसे उसके द्वारा देखे गए रोगियों के आधार पर प्राप्त होते हैं। कुछ समय के अनुभव के बाद खुद की प्रेक्टिस शुरू की जा सकती हैं। इसके बाद ये हर सीटिंग पर कम से कम 500 रुपए तक चार्ज करते हैं।

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