.. अखिल भारतीय तकनीकी परिषद के दखल से अंततः सभी संशय समाप्त

कोटा, 21 नवम्बर। इंजीनियरिंग स्नातकों के लिए डिग्री पूर्व ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग की बाध्यता से संबंधित चल रही खबरों पर अंततः एआईसीटीई के वाइस चेयरमैन प्रोफेसर एमपी पूनिया के दखल से विराम लग गया। कॅरिअर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया की 20 नवंबर 2018 ऑल इंडिया तकनीकी परिषद की ऑफिशियल वेबसाइट पर प्रोफेसर पूनिया के हस्ताक्षर से एक ऑफिशियल नोट जारी किया गया है। यह नोट स्पष्ट करता है कि ग्रेजुएट एप्टिट्यूड टेस्ट ऑफ इंजीनियरिंग अर्थात गेट की इंजीनियरिंग डिग्री पूर्व बाध्यता का तकनीकी परिषद का कोई फैसला नहीं है।
*इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी के 3124 संस्थानों के 14 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने ली राहत की सांस*
देव शर्मा ने बताया कि यदि वर्ष 2018-19 के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी से संबंधित कुल 3124 संस्थान है। तथा इन संस्थानों में लगभग 14 लाख इंजीनियरिंग विद्यार्थी अध्ययनरत है। गेट की बाध्यता से संबंधित खबरों के चलते विद्यार्थी संशय की स्थिति में थे। किंतु ऑफिशियल वेबसाइट पर नोट जारी होते ही सभी ने राहत की सांस ली। पिछले कुछ समय से इस प्रकार की खबरों का बाजार गर्म था कि इंजीनियरिंग स्नातकों का शैक्षणिक स्तर मानकों के अनुरूप नहीं है। मानकों के अनुरूप शैक्षणिक स्तर ना होने के कारण ये इंजीनियरिंग स्नातक इंडस्ट्री में कार्य करने के अनुरूप नहीं है अतः या तो यह बेरोजगार रह जाते हैं या फिर अपने कार्य में सफल नहीं हो पाते।फलस्वरूप शैक्षणिक स्तर मैं सुधार के लिए गेट की बाध्यता का निर्णय इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।किंतु एआईसीटीई  के ऑफिशियल नोट के जारी होने के पश्चात अब यह स्पष्ट हो गया है कि अखिल भारतीय तकनीकी परिषद का इस तरह की बाध्यता का कोई इरादा नहीं है।

Career Point
Register New Account
Reset Password