नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा जेईई मेंस का इनफार्मेशन बुलेटिन जारी

*पसंदीदा एग्जामिनेशन सेंटर तथा अंतिम एग्जामिनेशन डेट प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों में जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन की होड़*

कोटा, 1 सितम्बर। देश की सबसे बड़ी एवं प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई मेंस जनवरी -2019 के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शनिवार से प्रारंभ हो गई। यह प्रवेश परीक्षा देश के 31 एनआईटी, 23 ट्रिपल आईटी तथा 23 गवर्नमेंट फंडेड  टेक्निकल इंस्टिट्यूट में विद्यार्थियों के प्रवेश के मार्ग को प्रशस्त करेगी।
इसी के साथ देश के सबसे प्रतिष्ठित 23 IIT  में प्रवेश के लिए यह JEE (Adv.)  एडवांस- 2019 का प्रथम चरण होगा।
ज्ञात रहे की अब तक इस परीक्षा का आयोजन CBSE द्वारा किया जाता था। किंतु यह पहली बार होगा कि यह परीक्षा CBSE के स्थान पर नवगठित नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित की जाएगी। अब तक यह परीक्षा पैन पेपर मोड तथा ऑनलाइन मोड दोनों पर आयोजित की जाती थी। किंतु वर्ष 2019 के लिए यह परीक्षा पूर्णतया सीबीटी मोड पर होगी।यहां सीबीटी से तात्पर्य कंप्यूटर बेस्ट टेस्ट से है। यह भी ज्ञात रहे कि सीबीटी मोड ऑनलाइन मोड से अलग होता है।
कॅरिअर पॉइंट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट देव शर्मा ने बताया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जेईई मेंस जनवरी-2019 के लिए इनफार्मेशन बुलेटिन जारी कर दिया गया है। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह है कि इनफार्मेशन बुलेटिन को ध्यानपूर्वक पढ़ने के पश्चात ही ऑनलाइन फॉर्म भरने की प्रक्रिया प्रारंभ करें। विद्यार्थी यह गलतफहमी ना पालें कि जल्दी फॉर्म भरने पर पसंदीदा एग्जामिनेशन सेंटर तथा पसंदीदा एग्जामिनेशन डेट मिल जाएगी।30 सितंबर 2018 को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात ही परीक्षा की तिथि तथा परीक्षा केंद्र के अलॉटमेंट का कार्य किया जाएगा।परीक्षा केंद्र अलॉटमेंट की यह प्रक्रिया AIIMS के अलॉटमेंट की प्रक्रिया से सर्वथा भिन्न है क्योंकि AIIMS मैं उपलब्धता के आधार पर फॉर्म फिलिंग की प्रक्रिया के दौरान ही परीक्षा केंद्र का अलॉटमेंट कर दिया जाता है। जबकि जेईई मेंस परीक्षा में ऐसा नहीं होगा। अतः फॉर्म भरने में अनावश्यक जल्दबाजी न करें।

*ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता जारी*

आधार कार्ड की अनिवार्यता पूर्व वर्षो की भांति इस बार भी जारी रहेगी विद्यार्थियों को यह सलाह दी जाती है कि यदि आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आधार कार्ड के लिए आवेदन कर 14 डिजिट का आधार एनरोलमेंट ID प्राप्त कर ले और इस ID के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरें। यहां एक और अति महत्वपूर्ण तथ्य है कि आधार कार्ड मैं विद्यार्थी का नाम, माता पिता का नाम, कक्षा 12 की अंक तालिका में दिए गए नामों के समान ही हो। यदि इन जानकारियों में किसी प्रकार का अंतर है तो निश्चित तौर पर विद्यार्थी आधार कार्ड में संशोधन के लिए आवेदन करें।अन्यथा यह परेशानी का सबब हो सकता है।

*फोटो अपलोड करते समय विशेष सावधानी बरतें विद्यार्थी*

*पोलराइड फोटो अमान्य*
ऑनलाइन फॉर्म फिलिंग का कार्य 3 चरणों में होगा। प्रथम चरण में विद्यार्थी को स्वयं की जानकारी अपलोड करनी होगी। द्वितीय चरण में फोटो एवं सिग्नेचर अपलोड करने होंगे तथा अंतिम चरण में फीस जमा करानी होगी और तत्पश्चात कन्फर्मेशन लेटर का प्रिंट लेना होगा। यहां विद्यार्थियों को यह विशेष हिदायत दी जाती है कि स्वयं के फोटो को स्कैन कर अपलोड करते समय विशेष सावधानी बरतें अन्यथा फॉर्म रिजेक्ट किया जा सकता है। फोटो कलर या ब्लैक एंड वाइट किसी भी प्रकार का हो सकता है। किंतु फोटो के नीचे स्वयं का नाम तथा तारीख जिस दिन फोटो लिया गया है उसे जरूर अंकित करें। पोलेराइड फोटो ना खिंचवाए यह मान्य नहीं है।फोटो खिंचवाते समय धूप के चश्मे का प्रयोग निषेध है।

*गुजराती सहित तीन माध्यमों में होगी जेईई मेंस जनवरी 2019 की परीक्षा*

*प्रश्न पत्र के माध्यम के चयन में सावधानी बरतें विद्यार्थी*
जेईई मेंस जनवरी 2019 की परीक्षा अंग्रेजी, हिंदी एवं गुजराती तीन माध्यमों में होगी। सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि प्रश्न पत्र के माध्यम की भाषा का चयन ऑनलाइन फॉर्म भरते समय ही किया जाएगा। और फिर इस किसी भी परिस्थिति में यह बदला नहीं जा सकेगा। विद्यार्थियों में यह भ्रम है की यदि माध्यम हिंदी लिया जाए तो प्रश्न पत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में प्राप्त होगा। किंतु विद्यार्थी इस भ्रम से दूर रहें और प्रश्न पत्र की भाषा का चयन सावधानीपूर्वक करें।
*डायबिटिक विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था*
बदलती जीवनशैली के कारण डायबिटीज ने हमारे देश में निश्चित तौर पर बहुत तेजी से पैर पसारे हैं। वर्तमान समय में विद्यार्थी भी इस रोग की जकड़न में है जकड़ लेता है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी डायबिटिक विद्यार्थियों का विशेष ध्यान रखते हुए विशेष व्यवस्था की है क्योंकि डायबिटीज व्यक्ति को अधिक देर भूखा नहीं रहना चाहिए । अतः डायबिटिक विद्यार्थी इनफार्मेशन बुलेटिन में दी गई जानकारी के अनुसार अपने साथ फल तथा शुगर टेबलेट ले जा सकते हैं किंतु किसी भी प्रकार का पैक्ड फूड जैसे चॉकलेट,कैंडी तथा सैंडविच इत्यादि ले जाने पर मनाही है।
*30 सितंबर 2018 तक चलेगा रजिस्ट्रेशन का कार्य*
रजिस्ट्रेशन का कार्य 1 सितंबर 2018 से 30 सितंबर 2018 तक किया जा सकता है। किंतु ऑनलाइन फीस डिपाजिट की तारीख 1 अक्टूबर 2018 तक रखी गई है।

*अप्रैल माह में प्रारंभ होगा दूसरा चरण*

 जेईई मेन प्रवेश परीक्षा का दूसरा चरण 6 अप्रैल 2019 से 20 अप्रैल 2019 तक आयोजित किया जाएगा।
 विशेष तथ्य यह है कि विद्यार्थी इन दोनों चरणों में से किसी एक चरण में अपनी परीक्षा दे सकता है। और चाहे तो दोनों चरणों में भी उपस्थित हो सकता है।यदि विद्यार्थी दोनों चरणों में परीक्षा देता है तो आकलन दोनों चरणों के परिणाम में से बेहतर परिणाम द्वारा किया जाएगा।
विद्यार्थियों से आग्रह है कि वे दोनों ही चरणों में प्रवेश परीक्षा में भाग ले।
 क्योंकि प्रथम चरण का अनुभव दूसरे चरण के लिए काफी लाभदायक हो सकता है। विद्यार्थी प्रथम चरण में अपनी कमजोरियों को महसूस कर उन्हें दूसरे चरण में दूर करते हुए बेहतर परिणाम हासिल कर सकता है। ऑफिशियल नोट द्वारा यह जानकारी भी दी गई है कि उपरोक्त प्रतियोगी परीक्षा के लिए इनफार्मेशन बुलेटिन 1 सितंबर 2018 को ही जारी किया जाएगा एवं तत्पश्चात ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के बारे में संपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से आग्रह है कि इनफार्मेशन बुलेटिन को पूरी तरह पढ़कर, समझ कर, ही रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया प्रारंभ करें।

*नेशनल टेस्टिंग एजेंसी हेतु अग्नि परीक्षा साबित होगा जेईई मेंस परीक्षा का आयोजन*

जेईई मेंस परीक्षा का पिछले कुछ वर्षों का इतिहास यह दर्शाता है कि लगभग 12 लाख विद्यार्थी इस परीक्षा में भाग लेता है। मूलतः विद्यार्थी पेन- पेपर मोड की ओर अधिक आकर्षित रहता है। और लगभग 10 लाख विद्यार्थी यह परीक्षा पेन पेपर मोड पर ही देता है। मात्र दो लाख विद्यार्थी ही इस परीक्षा को ऑनलाइन मोड पर देते हैं।
 नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के लिए इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के लिए सीबीटी मोड पर परीक्षा का आयोजन करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होगा, कारण यह है कि कोई भी विद्यार्थी जनवरी में होने वाले प्रथम चरण से वंचित होने की कोशिश नहीं करेगा। क्योंकि यह प्रथम चरण उसकी सफलता और असफलता को निर्धारित नहीं करेगा बल्कि उसे सफलता प्राप्त करने के लिए एक बेहतरीन अनुभव देने का साधन सिद्ध होगा है।अतः 12 लाख विद्यार्थियों की इस संख्या हेतु साधन उपलब्ध कराना नेशनल टेस्टिंग एजेंसी हेतु निश्चित तौर पर एक बड़ी चुनौती होगी।

 

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