’नक्सल’ की वादियों से मिल रहे है भावी डॉक्टर-इंजीनियर

– नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा के अभावग्रस्त गांवों से कॅरिअर पॉइंट ने जगाई शिक्षा की अलख

-नीट में 31 व जेईई एडवांस के लिए 20 प्रतिभाओं का चयन

कोटा। नक्सलवाद से प्रभावित छत्तीसगढ़ राज्य में दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों व कंदराओं के बीच खौफ के साये में जीवन बसर करने वाले परिवारों का रूझान अब शिक्षा की तरफ केंद्रित होने लगा हैं। भारत सरकार की पहल पर एजुकेशन हब कोटा की पहचान कॅरिअर पॉइंट इंस्टीट्यूट द्वारा दंतेवाड़ा में शिक्षा की अलख जगाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिला प्रशासन के सहयोग से छू लो आसमान प्रोजेक्ट के तहत चयनित अभावग्रस्त गांवों के सरकारी स्कूल में कॅरिअर पॉइंट एजुकेशन दे रहा है।

देश के नामी मेडिकल व इंजीनियर कॉलेजों में दाखिले के लिए कॅरिअर पॉइंट की बेस्ट फैकल्टी टीम यहां के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों को तराशने में जुटी है। कॅरिअर पॉइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी बताते है कि कड़ी चुनौती के बावजूद अभावग्रस्त गांवों के बच्चों की लगन व हौसला देखते बनता है। हाल ही में आए नीट, जेईई मेन, 10 वीं व 12 वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में भी यहां के बच्चों का बेहतर प्रदर्शन रहा। सफल अभ्यर्थियों मेसे कोई किसान परिवार से है तो कोई मजदूर का बेटा या बेटी है। विपरित हालात में भी भावी इंजीनियर व डॉक्टर का सपना संजोने वाले अभावग्रस्त गांवों के बच्चों का बेहतर प्रदर्शन रहा।

31 विद्यार्थियों का नीट में चयन

देश के प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ’नीट’ के परिणाम में बेहतर प्रदर्शन कर श्रेष्ठता साबित की है। दक्षिण बस्तर क्षेत्र के 31 विद्यार्थियों का इस परीक्षा में चयन हुआ है। इनमें 26 छात्र व 5 छात्राएं शामिल है। दंतेवाड़ा के कारली गांव के छात्र रामप्रसाद कश्यप बताते है कि नीट में मिली सफलता के

बाद पूरे गांव में खुशी छा गई। बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। वे बताते है कि कॅरिअर पॉइंट फैकल्टी की बेहतर शैक्षणिक पद्धति से आज वो इस मुकाम पर पहंुच सके है। फरसपाल गांव के छात्र सागर कर्मा कहते है कि नीट की सफलता में कॅरिअर पॉइंट व जिला प्रशासन का श्रेय रहा। अगर बेहतर एजुकेशन सिस्टम नहीं मिलता तो शायद ही इस मुकाम तक पहंुच पाते।

जंगल के गांवों में छू लो आसमान प्रोजेक्ट में संवर रहे नौनिहाल

सफल हुए अभ्यर्थी सरकारी स्कूल में जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित छू लो आसमान प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे थे और कॅरिअर पॉइंट कोटा को भारत सरकार ने इस प्रोजेक्ट के तहत अनुबंधित किया है, ताकि जरूरतमंदों को बेहतर शिक्षा मिल सके। दंतेवाड़ा के घने जंगलों के बीच बसे अभावग्रस्त गांवों की प्रतिभाओं को कॅरिअर पॉइंट कोटा की बेस्ट फैकल्टी टीम द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई गई और जब सकारात्मक परिणाम सामने आए तो नक्सल की वादियों में खुशियों की महक फैल गई। जिन परिवारों के बच्चों का मेडिकल परीक्षा में चयन हुआ उनकी खुशियां देखते बनी। जिला प्रशासन ने भी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामनां की है।

जेईई एडवांस के लिए 40 में से 20 स्टूडेंट का हुआ चयन

जेईई मेन एग्जाम रिजल्ट में दंतेवाड़ा के घने जंगलों के बीच बसे अभावग्रस्त गांवों के 20 स्टूडेंट का चयन हुआ है। कॅरिअर पॉइंट कोटा की बेस्ट फैकल्टी टीम ने जेईई मेन की तैयारी करवाई और जेईई एडंवास के लिए 40 में से 20 स्टूडेंट का चयन हुआ है। चयनित स्टूडेंट छू लो आसमान प्रोजेक्ट के तहत शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। स्थानीय जिला प्रशासन ने दो साल पहले यह प्रोजेक्ट आरंभ किया था, ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र में उच्च शिक्षा का बेहतर प्रचार-प्रसार हो प्रतिभाओं को मंच मिले। कॅरिअर पॉइंट कोटा इस छू लो आसमानं प्रोजेक्ट तहत गत दो वर्ष से छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा में कार्य कर रहा है। इस वर्ष जेईई एडंवास के लिए चयनित 20 स्टूडेंट में से 8 छात्राएं शामिल है।

…ताकि नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तकदीर व तस्वीर बदले

कॅरिअर पॉइंट के प्रबंध निदेशक प्रमोद माहेश्वरी बताते है कि शिक्षा का बेहतर प्रचार-प्रसार हो और प्रतिभाएं निखरे यह संस्थान का सपना है। नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा आरंभ की गई छू लो आसमान योजना ने दक्षिण बस्तर के ऐसे विद्यार्थियों के लिए भविष्य के नए द्वार खोले जिन्हें पढ़ने की तमन्ना थी, लेकिन सुविधाओं के अभाव के चलते सफलता हाथ नहीं लग रही थी। कॅरिअर पॉइंट ने अनुबंध के बाद ऐसे बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का माहौल बनाने का काम किया। कॅरिअर पॉइंट के निदेशक ओम माहेश्वरी बताते है कि संस्थान प्रयासरत है कि दक्षिण बस्तर में सफलता की ‘सरिता’ का प्रवाह यूं ही बना रहे, ताकि यहां नक्सल प्रभावित क्षेत्र की तकदीर और तस्वीर बदले।

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