कॅरिअर पॉइंट ने 8 साल में अब तक देश को दिए दस हजार डॉक्टर

सीनियर फेकल्टी बता रही है स्टूडेंट की सफलता के टिप्स

कोटा। कॅरिअर पॉइंट विगत 8 वर्षो से कोटा की सर्वश्रेष्ठ फेकल्टी टीम के साथ छात्रों को प्री-मेडिकल की तैयारी करवा रहा है। संस्थान का प्री-मेडिकल डिविजन प्रयासरत है कि छात्र अपनी नोलेज, एग्जाम टेकिंग स्कील ओर कॉफिडेंस में सुधार करते हुए प्रथम प्रयास से ही सफल हो। यहां अध्ययनरत बच्चों के लिए एक लॉजिकल एवं सुव्यवस्थित सिस्टम मिले इसके लिए टीचिंग फील्ड में लंबा अनुभव रखने वाले विषय विशेषज्ञ कोचिंग दे रहे है, हाल ही में कोटा की टॉप 18 फेकल्टी ने भी कॅरिअर पॉइंट ज्वाइन किया है, ताकि इस बार और भी बेहतर परिणाम देश को दे सके।

कॅरिअर पॉइंट संस्थान में स्टूडेंट के सपनों को साकार करने में जुटी समर्पित फेकल्टी टीम  का मानना है कि अगर स्टूडेंट सच्ची लगन के साथ फेकल्टी द्वारा बताई गई गाइडलाइन को फॉलों करे तो उसकी सफलता तय है। कॅरिअर पॉइंट अब तक देश को दस हजार से ज्यादा डॉक्टर दे चुका हैँ।

कॅरिअर पॉइंट में 21 साल से सेवाएं दे रहे कॅमेस्ट्री के सीनियर फेकल्टी पंकज तलवार बताते है कि 1998 में बी.ई. इंजीनियरिंग कॉलेज कोटा से की। 1996 में जब बीई थर्ड ईयर में था तब से ही कॅरिअर पॉइंट से जुड़ा। केमिस्ट्री पढ़ाने से शुरूआत की। 21 साल के इस लंबे सफर में मैंने सभी प्रकार के स्टूडेंट को गाइड किया। मेरी प्रेरणा स्त्रोत सीपी के डायरेक्टर प्रमोद सर रहे। स्टूडेंट अच्छी रैंक से सलेक्ट हो इसके लिए दिल से प्रयासरत रहता हूं। अब तक मैं करीब एक लाख स्टूडेंट को पढ़ा चुका हूं। स्टूडेंट का इतना प्यार और सम्मान मिलता है जो गर्व की बात है ओर पूरे जोश और जुनून के साथ स्टूडेंट के सपनों को सच करने में जुट जाता हूं।

20 साल का अनुभव रखने वाले केमिस्ट्री के सीनियर फैकल्टी रमेश शारदा सर बताते है कि मैं कक्षा में पढ़ाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखता हूं कि छात्रों को विषय का इतना ज्ञान दिया जाए जिससे वो एआईएमएस, एआईपीएमटी जैसे प्री-मेडिकल के एग्जाम में टॉप रैंक से सेलेक्ट हो। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्र 1 वर्ष में ही अपना लक्ष्य प्राप्त कर सकें। छात्र की व्यक्गित देखभाल कर उसकी विषय कमजोरी को दूर करना सीपी सिस्टम का एक पार्ट है।

मुंबई से एमबीबीएस करने वाले बायोलॉजी के सीनियर फेकल्टी डॉ. अमित गुप्ता बताते है कि एमबीबीएस करने के बाद विदेश में सेटल होने का अवसर छोड़ा और कोटा आकर कोचिंग क्षेत्र चुना। सीपी में 18 साल से सेवाएं दे रहा हूं। 2010 में सीपी के निदेशक व मेरी प्रेरणा स्त्रोत प्रमोद माहेश्वरी सर द्वारा प्री-मेडिकल डिजीजन स्थापना शुरू करने का मौका दिया। अब तक दस हजार से ज्यादा डॉक्टर देश को दे चुके है। सीपी में सकारात्मक माहौल में पढ़ाना अच्छा लगता है। अपने टॉपिक पर गहन ज्ञान और 18 वर्ष के टीचिंग अनुभव के चलते जटिल पाठ्यक्रम भी सरल व सहज उदाहरणों से समझाकर छात्र की परमानेंट मेमॉरी में पहुंचाना अब आसान लगता है। सफलता के लिए छात्र को चाहिए कि वो अपने गुरू पर अटूट विश्वास रखे और लक्ष्य से निगाह नहीं हटाए।

बायोलॉजी के ही सीनियर फेकल्टी डॉ. मोहम्मद सलीम बताते है कि एमबीबीएस करने के तुरंत बाद मेडिकल ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिली। उस दौरान कोचिंग इंस्टिट्यूट में टीचिंग में आ गया। क्लास में बच्चों से बातचीत के दौरान उनकी प्रॉब्लम सॉल्व करने में एक अलग ही आनंद की अनुभूति हुई। इसी कारण आज तक इस प्रोफेशन से अलग नहीं हो पाया। सीपी सिस्टम छात्रों के लिए
एक अकादमिक मैनेजर के रूप में काम करता है। अच्छा पढ़ाने के साथ-साथ एक सुव्यवस्थित सिस्टम भी उतना ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस से छात्रों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलती हैं तथा उनकी सफलता सुनिश्चित होती हैं।
फिजिक्स के सीनियर फेकल्टी गोविंद शर्मा का कहना है कि मैंने मेरे 20 सालों के अनुभव में देखा है कि फ्री मेडिकल स्टूडेंट को फिजिक्स समझना एक टिपिकल प्रोसेस लगता है। अत: मैंने हमेशा यह महसूस किया है कि हमारे दैनिक जीवन में आने वाले उदाहरण से सरल व प्रभावी तरीके से स्टूडेंट को समझाया जाए तो स्टूडेंट को कठिन सवाल भी आसानी से समझ आ जाते है। कैरियर पॉइंट का सिस्टम इससे बड़ा रोल अदा करता है। यहां की एक्सरसाइज सीट जो कि कोर्स बुकलेट में हैं वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन की गई है जो स्टूडेंट को सरल से जटिल अवधारणाओं में मददगार हैं।

सकारात्मक सोच का परिणाम, देश मे अग्रणी

25 साल पहले 51 स्टूडेंट के साथ गैराज परिसर में कॅरिअर पॉइंट की एक छोटी सी शुरूआत की। मन में कुछ करने का जज्बा और सकारात्मक सोच का परिणाम है कि संस्थान आज देश का अग्रणी कोचिंग संस्थान बन चुका है। यह कहना है कॅरिअर पॉइंट के निदेशक प्रमोद माहेश्वरी का। माहेश्वरी बताते है कि विद्यार्थियों व अभिभावकों के अटूट विश्वास एवं समर्पित अनुभवी फेकल्टी का भरपूर सहयोग रहा। मेडिकल क्षेत्र में युवाओं को अवसर मिले, इसके लिए 2010 में कोटा की सर्वश्रेष्ठ फेकल्टी टीम के साथ छात्रों को प्री-मेडिकल की तैयारी करवाने की पहल की। अब तक देश को दस हजार से ज्यादा डॉक्टर दे चुके है…और यह सिलसिला लगातार जारी है।

स्टूडेंट को बेहतर कॅरिअर देना ही एकमात्र ध्येय

कॅरिअर पॉइंट के अकादमिक डायरेक्टर शैलेंद्र माहेश्वरी बताते है कि संस्थान पर भरोसा जताने वाले बच्चों को बेहतर एजुकेशन देना ही एकमात्र लक्ष्य है। अब तक संस्थान ने 11 हजार 500 से ज्यादा आईआईटीयन, 1 लाख 35 हजार इंजीनियर व 10 हजार से ज्यादा डॉक्टर देश को दिए है, जो संस्थान के लिए गौरव की बात है। 25 हजार से ज्यादा स्टूडेंट को 600 से ज्यादा अनुभवी विषय विशेषज्ञ फेकल्टी टीम समर्पित भाव से सेवाएं दे रहीं है। ताकि डिजिटल युग में बच्चों का सर्वाधिक चयन हो।

 

 

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