सीपीयू के स्टूडेंट्स ने बनाई रेलवे गैंग प्रोटेक्शन डिवाइस ‘प्रहरी’

रेलवे करेगा खुद की लैब में परीक्षण तीन किलोमीटर पहले से गैंगमेन को सचेत करेगा ‘प्रहरी’
कॅरिअर पाॅइंट यूनिवर्सिटी (सीपीयू) के स्टूडेंट्स ने इंजीनियरिंग  ने रेलवे गैंग प्रोटेक्शन डिवाइस ‘प्रहरी’ इजाद की है। जोकि रेलवे ट्रेक पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को करीब तीन किलोमीटर पहले ही ट्रेन के आने का संकेत देगी। जिससे ट्रेक पर कार्य कर रहे कर्मचारी समय रहते वहां से हट जाएंगे। आए दिन रेलवे गैंगमेन कार्य करने के दौरान ट्रेन की चपेट में आने से असमय काल का ग्रास बन जाते है। ऐसे में ‘प्रहरी’ डिवाइस रेलवे गैंगमेन के लिए वरदान साबित होगी। यह डिवाइस सीपीयू के इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग ब्रांच में आठवे सेमेस्टर के स्टूडेंट शिखर विजयवर्गीय व धीरज कुमार ने तैयार की है। अभी रेलवे जिस उपकरण का इस्तेमाल कर रहा है, उसमें मात्र 800 मीटर पहले कर्मचारियों को ट्रेन के आने का संकेत मिलता है, लेकिन इसमें एक गैंगमेन को कार्य़स्थल से आगे खड़े रहना होता है। जबकि ‘प्रहरी’ डिवाइस में ऐसा करने की जरुरत नहीं होती। स्टूडेंट्स  के प्रोजेक्ट ‘प्रहरी’ को वार्षिक निरीक्षण पर आए पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर जोन के महाप्रबंधक गिरीश पिल्लई ने भी सराहा है।
मात्र 15 हजार की लागत आई
सीपीयू के स्टूडेंट्स  शिखर व धीरज ने बताया कि इस डिवाइस को तैयार करने में मात्र 15 हजार रुपए की लागत आई है। उन्होने बताया कि रेलवे अधिकारियों ने उन्हें इस तरह का डिवाइस तैयार करने को कहा था जिससे ट्रेक पर कार्य कर रहे कर्मचारियों को ट्रेन के आने के बारे में सचेत किया जा सके। रेलवे वर्तमान में जो सिस्टम इस्तेमाल कर रहा है, वह काफी महंगा है।

ऐसे करेगा ‘प्रहरी’ काम
डिवाइस ‘प्रहरी’ जीएसएस व रेडियो फ्रिक्वेंसी दोनों पर कार्य करेगा। इस डिवाइस का एक हिस्सा करीब तीन किलोमीटर दूर उस लाइन पर लगा दिया जाएगा, जिस पर गैंगमेन कार्य कर रहे हैं। डिवाइस का मुख्य हिस्सा कार्यस्थल पर रहेगा। इस दौरान कोई ट्रेन तीन किलोमीटर दूरी पर लगे डिवाइस के पास से गुजरती है तो कार्यस्थल पर अलर्ट अलार्म बजेगा। जिससे मौके पर कार्य कर रहे गैंगमेन ट्रेक पर से हट जाएंगे। फिलहाल इस डिवाइस को 1200 मीटर दूरी पर कार्य करने के लिए तैयार किया है। जबकि रेलवे को अभी 800 मीटर दूर एक गैगमेन खड़ा करना होता है। वह अलर्ट सिग्नल भेजता है तो कार्यस्थल पर भेजता है। इसके विपरीत प्रहरी डिवाइस में गैंगमेन को खड़ा करने की जरुरत नहीं होती। वहीं प्रहरी डिवाइस की रेलवे प्रशासन जल्द ही अपनी लैब में टेस्टिंग करेगा।

Career Point
Register New Account
Reset Password