टाइम का वेस्टेज कम करें, टाइम अपने आप मैनेज होगा: पीएम सर

आगामी चार माह बाद आप सभी को जेईई व नीट एग्जाम देना है। ऐसे में यह समय आपके लिए काफी महत्वपूर्ण है। आपको सफलता प्राप्त करनी है तो सबसे पहले टाइम का वेस्टेज कम करे। यदि ऐसा करेंगे तो टाइम का मैनेजमेंट अपने आप हो जाएगा। आपको रैंक की जगह खुद की परफाॅरमेन्स पर फोकस करना होगा। क्योंकि आप रैंक को लेकर तनाव लेंगे तो आपकी परफाॅरमेन्स भी कम हो जाएगी। इसलिए बेहतर परफाॅर्म करें, रैंक आने आप आ जाएगी। यह विचार रविवार शाम सीपी आॅडिटोरियम में जेईई व नीट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए आयोजित विशेष सेमीनार में कॅरिअर पाॅइंट के निदेशक प्रमोद माहेश्वरी (पीएम सर) ने ‘रिवीजन स्ट्रेटेजी’ विषयक सेमीनार में व्यक्त किए। उन्होने स्टूडेंट्स को पेपर हल करने व सेल्फ स्टडी के गुर बताए। उन्होने बताया कि स्टूडेंट्स को विषयवस्तु की जानकारी होते हुए भी अपनी जानकारी को परफाॅरमेन्स में नहीं बदल पाते। जिसके चलते मुख्य परीक्षा में उनकी सफलता सुनिश्चित नहीं हो पाती। खुद का आंकलन करें और उसके अनुरुप कड़ी मेहनत करें। सेमीनार को सीपी के अकादमिक निदेशक शैलेन्द्र माहेश्वरी ने भी संबोधित किया।सफलता के लिए खुश रहना जरुरी

पीएम सर ने कहा कि स्टूडेंट्स सामान्यतया सोचते हैं कि उनको सफलता मिलेगी तभी वे खुश हो पाएंगे। जबकि यह गलत है। आप खुश रहिए, सफलता खुद चलकर आपके पास आएगी। किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मस्तिष्क का प्रसन्न होना बहुत जरुरी है। उन्होने विद्यार्थियों को विभिन्न उदाहरणों के जरिए मोटिवेट करते हुए कहा कि हमेशा खुश मिजाज रहें और और लक्ष्य प्राप्ति को लेकर पाॅजिटिव थिंिकंग रखें। किसी भी कार्य को करने के लिए उसके प्रति अपनी निष्ठा जागृत करें, अपना आत्मविश्वास बनाए रखें।जेईई एक विशेष व अलग पेपर है

सेमीनार को संबोधित करते पीएम सर ने स्ट्रेटेजिक विजन द्वारा लक्ष्य प्राप्ति के गुर बताते हुए कहा अंतिम समय में प्रभावी रिवीजन का तरीका बताया। उन्होने कहा कि हुए किसी भी सपने को साकार करने के लिए जरुरत है कड़ी मेहनत की। साल भर पढाई के बाद जब आप जेईई मेंस एग्जाम देने जाएंगे तो आपके पास मात्र साढे तीन घंटे होंगे खुद को साबित करने के लिए। उन्होने बताया कि जेईई एक अलग तरह का पेपर है। जिसे अलग तरह से डिजाइन किया जाता है और यह बात इसे और परीक्षाओं से अलग बनाती है। इसके लिए जरुरी है एक रणनीति के तहत पेपर साॅल्व करने की।

समय सीमा में काम करने का अभ्यास करें

आपको समय सीमा में काम करने का अभ्यास करना होगा। उदाहरण के लिए एक घंटे में 30 प्रश्न हल करने हैं, तो उसका अभ्यास करें। यह रणनीति आपको एग्जाम हाॅल में काफी सहयोग करेगी और समय को लेकर आप तनाव में नही आएंगे।

रटें नहीं, समझें

पीएम सर ने बताया कि विषयों में परिभाषाओं व अन्य बिन्दुओं को रटे नहीं बल्कि उनको समझें। ध्यान रखें कि आप सिर्फ रिवीजन कर रहे हैं। किसी भी टाॅपिक को इस तरह से ना लें जैसे पहली बार पढ रहे हों। यदि ऐसा किया तो आपकी परफाॅरमेन्स सीधे तौर पर प्रभावित होगी। क्लास में तैयार किए गए नोट्स को जरुर रिवाइज करें। इसके अलावा पिछले 25 से 30 सालों तक के पेपर को जरुर साॅल्व करे। क्योंकि पिछले वर्षों में ऐसा देखने में आया है कि जेईई मेन्स व एडवांस में कई क्वेश्चंस रिपीट होते आ रहे हैं।

कठिन व आसान प्रश्नों को चिन्हित करें

स्टूडेंट्स को चाहिए कि रिवीजन के दौरान प्रश्नों को चिन्हित कर लें। पीएम सर ने स्टूडेंट्स को बताया कि रिवीजन के दौरान क्वेश्चंस को दो कैटेगरी मे बांट लें। पहले होते हैं जनता क्वेश्चंस। जोकि काफी आसान होते हैं, लेकिन जनता क्वेश्चंस आपका सलेक्शन नहीं कराएंगे। दूसरे होते हैं हार्ड क्वेश्चंस। इनमें आपकी जितनी महारत होगी, उतना ही आप औरों से अलग परफाॅर्म करेंगे।

टिक, क्राॅस व सर्किल टेक्निक

एसएम सर ने ‘स्ट्रेटेजी टू अटेम्प्ट पेपर’ पर स्टूडेंट्स को टिक, क्राॅस व सर्किल टेक्निक से अवगत कराया। ओमएमआर शीट को भरने की जल्दी नहीं करें। सबसे पहले उन क्वेश्चंस पर टिक लगाएं जोकि आपको सबसे आसान लगते हैं और उनको साॅल्व करने में सबसे कम समय लगेगा। इसके बाद उन क्वेश्चंस पर सर्किल लगाएं जोकि थोड़े लेन्दी हैं। सबसे अंत में हार्ड क्वेश्चंस पर क्राॅस लगाएं। इसके बाद टिक वाले क्वेश्चंस, फिर सर्किल और सबसे आखिरी में हार्ड वाले क्वेश्चंस को साॅल्व करते हुए ओएमआर शीट भरें।

आधे घंटे पहले आंसर की फिल कर लें

एसएम सर ने बताया कि एग्जाम हाॅल में शांत दिमाग से बैठें। घबराएं नहीं वरना तनाव में आ जाएंगे। जो क्वेश्चंस साॅल्व कर सकते थे, वो भी नहीं कर पाएंगे। स्टूडेंट्स कोशिश करें कि एग्जाम खत्म होने से आधे घंटे पहले अपनी आंसर की पूरी फिल कर लें। स्टूडेंट्स को वो कारण बताए जिनसे उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है। उन्होने कहा कि कि जेईई मेंस में फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथेमेटिक्स का अलग-अलग कट आॅफ नहीं होता, जबकि जेईई एडवांस में विषयवार कट आॅफ होते है। इसलिए स्पीड और एक्यूरेसी को ध्यान में रखते हुए पेपर साॅल्व करना चाहिए।

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